ऊर्जा पार्क का साइंस पार्क बनाएगा विज्ञान को आसान और रोचक

34 से अधिक वैज्ञानिक मॉडल के जरिए बच्चों को मिलेगा सीखने और प्रयोग करने का अवसर, कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने लिया जायजा

राजनांदगांव/कबीरधाम। कबीरधाम जिले के मजगांव रोड स्थित ऊर्जा पार्क परिसर में विकसित किया गया साइंस पार्क अब जिले के बच्चों और विद्यार्थियों के लिए विज्ञान को समझने और सीखने का नया केंद्र बनने जा रहा है। साइंस पार्क में 34 से अधिक वैज्ञानिक मॉडल और प्रयोग आधारित प्रदर्शन लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से विद्यार्थी विज्ञान के जटिल सिद्धांतों को केवल किताबों में पढ़ने के बजाय उन्हें देखकर, समझकर और प्रयोग के जरिए सीख सकेंगे।

कबीरधाम कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने ऊर्जा पार्क परिसर पहुंचकर साइंस पार्क का निरीक्षण किया। उन्होंने परिसर में स्थापित विभिन्न वैज्ञानिक मॉडलों का अवलोकन किया और बच्चों एवं विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को साफ-सफाई, आवश्यक बुनियादी सुविधाओं और शेष निर्माण कार्यों को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

34 से अधिक मॉडल से समझेंगे विज्ञान के सिद्धांत

बच्चों में वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा और प्रयोग करने की प्रवृत्ति विकसित करने के उद्देश्य से ऊर्जा पार्क परिसर में साइंस पार्क तैयार किया गया है। यहां विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, छत्तीसगढ़ शासन तथा छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के सहयोग से विभिन्न वैज्ञानिक मॉडल स्थापित किए गए हैं।

इन मॉडलों को बी.एम. बिड़ला विज्ञान केन्द्र, हैदराबाद द्वारा डिजाइन एवं विकसित किया गया है। साइंस पार्क में गुरुत्व केंद्र, ध्वनि संचरण, न्यूटन के गति के नियम, सौर ऊर्जा, ऑप्टिकल भ्रम और पास्कल सिद्धांत सहित 34 से अधिक वैज्ञानिक प्रयोग एवं प्रदर्शन मॉडल शामिल हैं।

इन प्रयोग आधारित मॉडलों के जरिए विद्यार्थी यह समझ सकेंगे कि विज्ञान के विभिन्न सिद्धांत वास्तविक जीवन में किस तरह काम करते हैं। इससे विज्ञान विषय को बच्चों के लिए अधिक सरल, व्यावहारिक और रोचक बनाने में मदद मिलेगी।

निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं का लिया जायजा

कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने साइंस पार्क के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण करते हुए वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने परिसर में साफ-सफाई को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए, ताकि बच्चों और अन्य आगंतुकों को बेहतर वातावरण मिल सके।

उन्होंने बच्चों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शौचालय सहित आवश्यक बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था समय पर पूरी करने को कहा। इसके अलावा परिसर में चल रहे शेष निर्माण एवं सौंदर्यीकरण कार्यों को भी शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए, ताकि साइंस पार्क को आकर्षक और उपयोगी स्वरूप में तैयार किया जा सके।

प्रयोग से सीखने पर जोर

कलेक्टर ने कहा कि साइंस पार्क जिले के बच्चों और विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने तथा विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन सकता है। उन्होंने पार्क की व्यवस्थाओं को इस प्रकार विकसित करने पर जोर दिया कि यहां आने वाले बच्चे विज्ञान को केवल पढ़ें नहीं, बल्कि उसे देखें, समझें और प्रयोग करके सीखें।

साइंस पार्क में लगाए गए मॉडल बच्चों को सवाल पूछने, अपनी जिज्ञासा का समाधान खोजने और वैज्ञानिक सिद्धांतों को व्यवहारिक रूप से समझने का अवसर देंगे। इससे विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

जल्द होगा साइंस पार्क का शुभारंभ

ऊर्जा पार्क परिसर में तैयार साइंस पार्क का जल्द ही शुभारंभ किया जाएगा। इसके बाद कबीरधाम जिले के विद्यार्थियों के साथ आम नागरिकों को भी यहां स्थापित वैज्ञानिक मॉडलों और प्रयोगों को देखने तथा उनके माध्यम से विज्ञान को समझने का अवसर मिलेगा।

यह पहल विशेष रूप से स्कूली विद्यार्थियों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है, क्योंकि उन्हें पाठ्यक्रम में पढ़ाए जाने वाले कई वैज्ञानिक सिद्धांतों को वास्तविक मॉडल और गतिविधियों के माध्यम से समझने का अवसर मिलेगा।

निरीक्षण के दौरान अधिकारी रहे मौजूद

साइंस पार्क के निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ अभिषेक अग्रवाल, अपर कलेक्टर नरेन्द्र पैकरा, एसडीएम चेतन साहू, जिला शिक्षा अधिकारी एफ.आर. वर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

ऊर्जा पार्क परिसर में विकसित यह साइंस पार्क कबीरधाम में विज्ञान शिक्षा को प्रयोगात्मक और गतिविधि आधारित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में तैयार किया गया है। इसके शुरू होने के बाद बच्चों को विज्ञान के सिद्धांतों को करीब से देखने और उनके पीछे छिपे वैज्ञानिक कारणों को समझने का अवसर मिलेगा।