राजनांदगांव के जैन बगीचा में नि:शुल्क विशाल दिव्यांग कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण वितरण शिविर आयोजित, 600 से अधिक दिव्यांगजनों को मिलेगा लाभ
राजनांदगांव। दिव्यांगजनों के जीवन को अधिक सुगम और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राजनांदगांव के जैन बगीचा में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत नि:शुल्क विशाल दिव्यांग कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण वितरण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में चिन्हांकित दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप कृत्रिम अंग और विभिन्न प्रकार के सहायक उपकरण वितरित किए गए।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने शिविर से लाभान्वित होने वाले दिव्यांगजनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे सेवा शिविर दिव्यांगजनों के जीवन को आसान बनाने और उन्हें अधिक सक्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

शिविर में बैसाखी, ट्राईसाइकिल, कैलिपर्स, कृत्रिम हाथ-पैर, श्रवण यंत्र, व्हीलचेयर, वॉकर सहित विभिन्न सहायक उपकरण उपलब्ध कराए गए।
600 से अधिक दिव्यांगजनों को लाभ
डॉ. रमन सिंह ने बताया कि इस शिविर के माध्यम से राजनांदगांव जिले के 600 से अधिक दिव्यांगजनों को लाभान्वित किया जा रहा है। डोंगरगांव, छुरिया, डोंगरगढ़ और राजनांदगांव सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता के अनुसार उपकरण उपलब्ध कराए गए।
उन्होंने बताया कि 250 से अधिक दिव्यांगजनों को कृत्रिम पैर, कृत्रिम हाथ, कैलिपर्स, बैसाखी, ट्राईसाइकिल और व्हीलचेयर सहित अन्य आवश्यक सहायक उपकरण प्रदान किए गए हैं।
शिविर में ऐसे दिव्यांगजन भी शामिल हुए, जिनके घुटने के नीचे अथवा घुटने के ऊपर तक पैर प्रभावित हैं। उनकी जरूरत के अनुसार कृत्रिम अंग उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई।
सहायक उपकरण मिलने से दैनिक जीवन होगा आसान
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि दिव्यांगजनों को आवश्यक सहायक उपकरण मिलने से वे अपने दैनिक कार्यों को अधिक सहजता और सक्रियता के साथ कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि किसी जरूरतमंद व्यक्ति को उसकी आवश्यकता के अनुरूप उपकरण उपलब्ध कराना केवल सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि उसे अपने जीवन में आगे बढ़ने का अवसर देना भी है।
उन्होंने जिला प्रशासन, समाज कल्याण विभाग, भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति, जयपुर तथा अखिल भारतीय जैन संगठन, राजनांदगांव सहित शिविर से जुड़े सभी सहयोगी संगठनों के प्रयासों की सराहना की।
दिव्यांगजनों को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने पर जोर
डॉ. रमन सिंह ने कहा कि दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए केवल कृत्रिम अंग या सहायक उपकरण उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है। उन्हें रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए भी आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
उन्होंने जिला प्रशासन से ऐसे दिव्यांगजनों की पहचान कर उन्हें छोटे व्यवसाय अथवा स्वरोजगार शुरू करने के लिए आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में काम करने की बात कही।
उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए शासन स्तर पर भी आवश्यक सहयोग सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने बताया सेवा भावना का उदाहरण
जिला पंचायत अध्यक्ष किरण वैष्णव ने शिविर को दिव्यांगजनों के प्रति सेवा और सहयोग की भावना से प्रेरित महत्वपूर्ण आयोजन बताया।
उन्होंने कहा कि जैन समाज हमेशा सेवा भावना को प्राथमिकता देता रहा है और समाज के जरूरतमंद वर्गों की सहायता के लिए आगे आता रहा है।
उन्होंने कहा कि सहायक उपकरण प्राप्त करने वाले दिव्यांगजनों के जीवन में इससे नई ऊर्जा, उत्साह और आत्मविश्वास का संचार होगा।
किरण वैष्णव ने बताया कि समाज कल्याण विभाग द्वारा जिले के डोंगरगढ़, डोंगरगांव, छुरिया और राजनांदगांव सहित विभिन्न क्षेत्रों में दिव्यांगजनों के लिए शिविर आयोजित किए जा रहे हैं और जरूरत के अनुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
उन्होंने दिव्यांगजनों से निराश नहीं होने और उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
पूर्व सांसद अभिषेक सिंह ने आयोजन के लिए जताया आभार
पूर्व सांसद अभिषेक सिंह ने शिविर के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन, समाज कल्याण विभाग, भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति जयपुर और अखिल भारतीय जैन संगठन राजनांदगांव के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों की दैनिक कठिनाइयों को कम करने और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने के उद्देश्य से आयोजित यह शिविर सेवा और सामाजिक सहभागिता का उदाहरण है।
उन्होंने बताया कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित सेवा संकल्प अभियान के दौरान विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा सेवा और जनकल्याण से जुड़े अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में दिव्यांगजनों के लिए यह विशाल सहायता शिविर आयोजित किया गया।
अभिषेक सिंह ने कहा कि राजनांदगांव जिले में सामाजिक सहभागिता के माध्यम से ऐसे जनकल्याणकारी कार्यक्रम आगे भी आयोजित होते रहें, ताकि जरूरतमंद लोगों को आवश्यक सहायता और सहयोग मिलता रहे।

कार्यक्रम में नशामुक्ति का संदेश
कार्यक्रम के दौरान दिव्यांगजनों और उपस्थित लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया। नशामुक्ति का संदेश देते हुए संकल्प वाचन कराया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया। इस दौरान सामाजिक जागरूकता और सेवा भावना को मजबूत करने का संदेश भी दिया गया।
सेवा, सहयोग और आत्मनिर्भरता पर केंद्रित रहा आयोजन
जैन बगीचा में आयोजित इस शिविर का उद्देश्य दिव्यांगजनों को उनकी जरूरत के अनुसार कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण उपलब्ध कराकर उनके दैनिक जीवन को सुगम बनाना रहा। कार्यक्रम में वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि दिव्यांगजनों को सहायता के साथ-साथ आत्मनिर्भरता के अवसर भी उपलब्ध कराए जाने चाहिए।
कृत्रिम अंग और सहायक उपकरणों के माध्यम से दिव्यांगजनों की गतिशीलता और दैनिक कार्यों में सुविधा बढ़ाने के साथ उन्हें रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में प्रयास किए जाने की आवश्यकता भी रेखांकित की गई।
कार्यक्रम में ये रहे प्रमुख रूप से उपस्थित
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष किरण वैष्णव, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह, समाजसेवी कोमल सिंह राजपूत, संयुक्त कलेक्टर शीतल बंसल, एसडीएम गौतम पाटिल, उप संचालक समाज कल्याण वैशाली मरडवार सहित जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
इसके अलावा जयपुर से पहुंची भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति और अखिल भारतीय जैन संगठन के पदाधिकारी, समाजसेवी, प्रशासनिक अधिकारी, दिव्यांगजन और बड़ी संख्या में अन्य लोग भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
प्रमुख बिंदु
- राजनांदगांव के जैन बगीचा में नि:शुल्क दिव्यांग सहायता शिविर।
- विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह वीडियो कांफ्रेंसिंग से कार्यक्रम में हुए शामिल।
- 600 से अधिक दिव्यांगजनों को लाभान्वित किए जाने की जानकारी।
- 250 से अधिक दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण प्रदान किए गए।
- कृत्रिम हाथ-पैर, कैलिपर्स, बैसाखी, ट्राईसाइकिल, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र और वॉकर सहित उपकरण वितरित।
- दिव्यांगजनों को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने पर जोर।
- छोटे व्यवसाय शुरू करने के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की बात।
- सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित किया गया शिविर।
- कार्यक्रम में नशामुक्ति का संदेश और संकल्प वाचन।
- जिला प्रशासन, समाज कल्याण विभाग और सामाजिक संगठनों की सहभागिता।
