
राजनांदगांव।
स्थानीय महेश्वरी भवन के सभागृह में आयोजित राष्ट्रवादी विचार गोष्ठी में देश के प्रतिष्ठित एवं चर्चित राष्ट्रवादी विचारक व वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने कहा कि आज देश को राष्ट्रवाद पर गहन चिंतन की आवश्यकता है। युवाओं को साहस के साथ सत्य के पक्ष में सामने आना चाहिए, क्योंकि राष्ट्र उनसे बड़ी आशा लगाए बैठा है।
अपने उद्बबोधन में पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने कहा कि आज 70–75 वर्षों से सुनी-सुनाई बातों का ही अधिक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। कई लोग शब्दों के वास्तविक अर्थ जाने बिना स्वयं को विषय का जानकार बताकर भ्रम फैला रहे हैं। समाज में झूठ को सच के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, ऐसे में सच को पहचानने और सामने लाने की जिम्मेदारी बुद्धिजीवियों की है।
सनातनी समाज के एकीकरण का लक्ष्य
पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने कहा कि उनकी यात्राओं का प्रमुख उद्देश्य सनातनी हिंदू समाज को एकत्रित करना है। सतत जनजागरण के माध्यम से समाज को सत्य से अवगत कराना समय की आवश्यकता है। भारत की संस्कृति और सभ्यता आदिकाल से विश्व को मार्गदर्शन देती आई है और आज भी पाश्चात्य देश भारतीय जीवन-मूल्यों को अपना रहे हैं।
भारत की वैश्विक पहचान और शक्ति
उन्होंने कहा कि भारत आज हर क्षेत्र में विश्व में अपनी अलग पहचान बना चुका है और सदैव विश्व गुरु रहा है। यह साख आने वाले समय में भी बनी रहेगी। उन्होंने उपस्थित नागरिकों से कहा कि समाज में वह शक्ति है जो शासन-प्रशासन से अपनी बात मनवा सकती है, बशर्ते लोगों को अपनी सामूहिक ताकत का एहसास हो और वे जागरूक व अध्ययनशील बनें।
राष्ट्रीय सुरक्षा और धर्म पर विचार
उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर अत्यधिक सजग रहने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि सनातन धर्म विश्व का सबसे प्राचीन धर्म है और हमें अपने आचरण को धर्मसम्मत बनाना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि धर्म के आधार पर की जा रही राजनीति ने देश को गंभीर नुकसान पहुंचाया है, जिस पर समाज को आत्ममंथन करना होगा।
