
कच्चे मकान से पक्के आशियाने तक, सम्मानजनक जीवन की नई शुरुआतरायपुर, 18 फरवरी 2026 हर व्यक्ति के मन में एक पक्के मकान का सपना होता है जिसमें वह सुकून की जिंदगी जी सके। ग्रामीण परिवारों को सम्मानजनक जीवन प्रदान करने की दिशा में भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) एक ऐतिहासिक पहल है। इस योजना का उद्देश्य आवास प्लस सर्वे के अंतर्गत चिन्हित सभी बेघर परिवारों और कच्चे व जर्जर मकानों में रहने वाले पात्र हितग्राहियों को सुरक्षित एवं पक्का आवास उपलब्ध कराना है। इसी कड़ी में मुंगेली जिले के ग्राम नारायणपुर निवासी श्री रामकुमार का पक्के आवास का सपना साकार हुआ है।
रामकुमार ने बताया कि पहले वे अपने परिवार के साथ एक जीर्ण-शीर्ण कच्चे मकान में जीवन व्यतीत कर रहे थे। बरसात के दिनों में छत टपकती थी, दीवारों में दरारें थीं और हर मौसम उनके परिवार के लिए एक चुनौती बन जाता था। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे पक्का मकान बनवाने में असमर्थ थे। उनके पास इतना पैसा नहीं था कि हम अपना पक्का घर बना सकें। कई वर्षों तक कच्चे मकान में ही गुजारा करना पड़ा,” लेकिन “मोर आवास, मोर अधिकार” के संकल्प के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत स्वीकृति मिलने के पश्चात शासन से प्राप्त आर्थिक सहायता और पंचायत के मार्गदर्शन से उन्होंने अपने सपनों का पक्का घर बनवाया। प्रधानमंत्री आवास योजना ने केवल उन्हें एक घर ही नहीं दिया, बल्कि आत्मनिर्भरता, स्थायित्व और सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर भी प्रदान किया है। शासन से मिले सहयोग के लिए रामकुमार ने प्रधानमंत्री एवं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया है।
