
राजनांदगांव l शहर की जन-जन की आवाज एवं पूर्व पार्षद हेमंत ओस्तवाल ने एक पत्र के माध्यम् से शहर के महापौर मधुसूदन यादव/निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा से यह माँग की है कि नगर निगम की महापौर परिषद और सामान्य सभा में निर्वाचित जन प्रतिनिधियों के द्वारा शासन के नियमानुसार जब निगम की एमआईसी और सामान्य सभा में जो विषय शासन के नियमानुसार शहर की जनता के हित और शासनहित में लाए जाते है तो उन्हें जो एमआईसी और सामान्य सभा में पारित होता है उसे लागू किया जाता है और जो शासन के नियम विरूद्ध विषय लाए जाते है उसे निरस्त किया जाता है और शासन स्तर पर कार्यवाही हेतु मार्गदर्शन आदि लिया जाता है जबकि एक ओर संस्कारधानी नगरी राजनांदगांव की पावन भूमि में लगभग 16 करोड़ 54लाख रूपए की रानीसागर, बूढ़ासागर सौंदर्यीकरण के निर्माण हेतु शासन के द्वारा जो स्वीकृति नगर निगम राजनांदगांव को प्राप्त हुई और शासन के नियम विरूद्ध कार्य करवाकर जो भ्रष्टाचार का खेल निगम के महापौर/निगम आयुक्त एवं संबंधित विभाग प्रमुख भ्रष्ट अधिकारियों – कर्मचारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से जो भ्रष्टाचार किया गया और जिसकी जाँच की माँग मेरे द्वारा पिछले कई वर्षो से लगातार की जा रही है और निगम की सामान्य सभा में दिनांक 25/08/2022 की सामान्य सभा में जाँच समिति के निर्णयो के अनुसार सर्वसम्मति से एफआईआर दर्ज कराने का निर्णय लिया गया था और भ्रष्ट ठेकेदार को ५ लाख रूपए का दण्ड आरोपित किया गया था और निगम के तात्कालीन कार्यपालन अभियंता दीपक जोशी के खिलाफ विभागीय जाँच का आदेश निगम आयुक्त के द्वारा जारी किया गया था और निगम के अधिकारी कामना सिंह यादव, दीपक मोहिले को निलंबन की कार्यवाही की गई थी और तत्कालीन आयुक्त आशुतोष चतुर्वेदी के द्वारा दीपक जोशी के खिलाफ विभागीय जाँच का आदेश दिया था।
वहीं श्री ओस्तवाल ने निगम के महापौर मधुसूदन यादव और निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा और निगम के सभापति पारस वर्मा एवं निगम के नेता प्रतिपक्ष संतोष पिल्ले से यह माँग की है कि निगम की नए वित्तीय वर्ष में होने वाली सामान्य सभा में १६ करोड़ रूपयो के जो भ्रष्टाचार के दोषियो के खिलाफ जो निर्णय पारित किया गया था उस सामान्य सभा के निर्णय का पालन तत्काल करवाते हुए निगम की महापौर परिषद और सामान्य सभा के निर्णय की शासन के नियमानुसार पालन करवाना निर्वाचित जनप्रतिनिधियो और शासन के निगम आयुक्त के दायित्व के पद की गरिमा बनी रहे । और महापौर मधुसूदन यादव और निगम आयुक्त के द्वारा बूढ़ासागर के भ्रष्टाचार का जिन्न यदि सामने नही लाया गया तो मेरे द्वारा जनहित और शासनहित में मीडिया के माध्यम् से इसका खुलासा पे्रस कांफे्रंस के माध्यम से करूंगा और जरूरत पड़ी तो विपक्ष की भूमिका का दायित्व निभा रहे शहर कांगे्रस कमेटी के अध्यक्ष जितेन्द्र मुदलियार से यह माँग करूंगा कि जनहित में इस मुद्दे को लेकर निगम के महापौर और आयुक्त के खिलाफ मोर्चा खोलने की सखक्त जरूरत कांगे्स पार्टी को है क्योंकि यह संस्कारधानी नगरी राजनांदगांव की कुलदेवी माँ शीतला माता के मंदिर परिसर से लगे बूढ़ासागर का भ्रष्टाचार है और हमारे शहर के पूर्व विधायक स्व. शहीद श्री उदय मुदलियार जिस माँ शीतला माता के मंदिर दर्शन किए बिना वह अपनी दिनचर्या प्रारंभ नही करते थे और उनके द्वारा हमेशा जनहित की लड़ाई के लिए वे कभी पीछे नही हटे चाहे कितने भी बड़े पद में बैठे नेता और अधिकारी से समझौता नहीं किया l दूसरी ओर निगम के तत्कालीन कार्यपालन अभियंता दीपक जोशी का सेवा निवृत्ति का समय चंद दिनो ही शेष है इसलिए इस पूरे मामले की विभागीय जाँच का खुलासा जब तक नहीं हो जाता हैlतब तक निगम आयुक्त और महापौर मधुसूदन यादव दीपक जोशी को अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी न करें और यदि जारी किया जाता है तो इसकी समस्त जवाबदारी निगम प्रशासन और महापौर की होगी ।
