एक नग मवेशी एवं 20 नग मवेशियों को कत्लखाना ले जाते 2 आरोपी एवं 2 नाबालिक चढे पुलिस के हत्थे…

आरोपीयों को गिरफ्तार कर भेजा गया जेल।

  कबीरधाम l थाना -पाण्डातराई पुलिस को थाना क्षेत्राअंतर्गत अपराध पर अंकुश लगाने धर्मेन्द्र सिंह (भा.पु.से.) के दिशा निर्देश में अति. पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र बघेल (रा.पु.से.) व अमित कुमार पटेल (रा.पु.से.) व पुलिस अनुविभागीय अधिकारी   अखिलेश कुमार कौशिक (रा.पु.से.) बोडला के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी पाण्डातराई कमलाकांत शुक्ला के नेतृत्व में पाण्डातराई पुलिस द्वारा वर्षभर अवैध शराब,जुआ,सट्टा व अन्य अपराधिक गतिविधियों के विरूद्ध लगातार प्रभावी कार्यवाही किया गया। अपराध में पूरी तरह अंकूश रहा । 

 दिनांक 04.01.2026 को प्रार्थी- रोहित यादव निवासी ग्राम डोंगरिया कला थाना थाना उपस्थित आकर रिपोर्ट दर्ज कराया कि दिनांक 03.01.2026 के दरम्यानी रात्रि इसके घर कोठा में खुंटे से बंधे एक नग मवेशी भैसा को कोई अज्ञात चोर चोरी कर ले गया है कि रिपोर्ट पर थाना पाण्डातराई में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में ‍लिया गया विवेचना दौरान चोरी गये मवेशी एवं आरोपी की पतातलाश ‍किया गया पतातलाश दौरान मुखबीर से सूचना प्राप्त हुआ कि चोरी गये एक नग मवेशी को आरोपीगण द्वारा क्रुरता पूर्वक हाकते हुये पैदल बिना पानी चारा दिये डोंगरिया कला से खरहट्टा कला की ओर लेकर जा रहे है इस आशय की सूचना पर थाना पाण्डातराई पुलिस प्रार्थी एवं गवाहों को साथ लेकर गये जहां ग्राम डोंगरिया कला के बगीचा के पास चोरी गये मवेशी को देखकर प्रार्थी ने स्वयं का मवेशी होना पहचान कर दोनों आरोपीयों को हिरासत में लेकर पूछताछ किया गया l

आरोपी किशन कुमार डाहिरे,  विजय कुमार टंडन दोनों निवासी ग्राम कुई थाना कुकदूर जिला कबीरधाम एवं दो अन्य नाबालिक कुल 20 नग मवेशियों को पैदल क्रुरता पूर्वक हाकते पैदल कत्ल खाना ले जाना एवं ग्राम डोंगरिया कला से एक मकान कोठा के अंदर से 01 नग भैसा को चोरी कर साथ में लेकर जाना अपराध स्वीकार किया lजिनसे मवेशियों को ले जाने के संबंध में वैध दस्तावेज पेश करने नोटिस देकर मांग कियाl  नोटिस में कोई दस्तावेज नहीं होना लिखित में दिये l 20 नग भैंसा कीमती 200000 रूपये एवं चोरी गये एक नग भैसा कीमती-40,000 रूपये को जप्त किया l

उपरोक्त आरोपीयों का कृत्य धारा- 331(4),305(क) BNS छ.ग. कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा-4,6,10 एवं पशु क्रुरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा-11 का घटित करना पाये जाने से अपराध पंजीबद्ध किया गया l आरोपीयों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय पेश किया गया lजहां से जेल वारंट बनने से दोनो आरोपीयों को जिला जेल कवर्धा एवं दोनो नाबालिकों को बाल संप्रेक्षण गृह दाखिल किया गया।