मोहला वनमण्डल में संयुक्त वन प्रबंधन समितियाँ बनीं हरित विकास की मजबूत कड़ी…

147 संयुक्त वन प्रबंधन समितियाँ कर रहीं मोहला वनमण्डल में वनों का संरक्षण

मोहला वनमण्डल में हरित विकास की दिशा में संयुक्त वन प्रबंधन समितियों की अहम भूमिका

     मोहला । मोहला वनमण्डल में संयुक्त वन प्रबंधन समितियाँ ग्रामीण क्षेत्रों में विकास एवं वनों की सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। वन संरक्षण, वन्य प्राणियों की सुरक्षा, वृक्षारोपण तथा बिगड़े वनों के सुधार जैसे कार्यों में स्थानीय समुदायों की सक्रिय सहभागिता देखने को मिल रही है।

   मोहला वनमण्डल अंतर्गत वर्तमान में कुल 147 संयुक्त वन प्रबंधन समितियाँ सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। इनमें अंबागढ़ चौकी परिक्षेत्र में 83, दक्षिण मानपुर में 27 तथा उत्तर मानपुर परिक्षेत्र में 37 समितियाँ शामिल हैं। ये समितियाँ स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से वनों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सतत प्रयास कर रही हैं।
    नव वर्ष के अवसर पर दिनांक 03 जनवरी 2025 को इन समितियों द्वारा वनों एवं वन्य प्राणियों की सुरक्षा, वन अधिकार पत्रों के नामांतरण एवं बंटवारे, तेंदूपत्ता, कोदो, कुटकी एवं रागी जैसे लघु वनोपज के सतत एवं वैज्ञानिक संग्रहण को लेकर ग्रामीणों को जागरूक किया गया।

    संयुक्त वन प्रबंधन समितियों के प्रयासों से क्षेत्र में वनों का संरक्षण एवं विकास हो रहा है, जिससे स्थानीय समुदायों की आजीविका में सुधार देखने को मिल रहा है। वन्य प्राणियों की संख्या में वृद्धि के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है। लघु वनोपज के संग्रहण से ग्रामीणों को आर्थिक लाभ प्राप्त हो रहा है, वहीं प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भी सुनिश्चित हो रहा है।

   मोहला वनमण्डल की संयुक्त वन प्रबंधन समितियाँ वनों के संरक्षण एवं सतत विकास की दिशा में एक सशक्त उदाहरण प्रस्तुत कर रही हैं और भविष्य में भी इनके प्रयासों से हरित विकास को गति मिलने की उम्मीद है।