
नेत्र स्वास्थ्य व दृष्टि सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों को किया गया जागरूक
राजनांदगाव l
राज्यपाल छत्तीसगढ़ के गोद ग्राम सोनपुरी ब्लॉक छुईखदान में स्वास्थ्य विभाग द्वारा निरंतर जन-जागरूकता गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में केसीजी कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल के निर्देशन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रेम कुमार पटेल के मार्गदर्शन में आज एसोसिएशन ऑफ कम्युनिटी ओफथाल्मोंलॉजी ऑफ इंडिया (एकॉइन) द्वारा संचालित दृष्टि रथ यात्रा ग्राम सोनपुरी पहुँची।
इस अवसर पर भारत सरकार एवं छत्तीसगढ़ शासन के राष्ट्रीय अंधत्व एवं दृष्टिहीनता नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत एकॉइन के राष्ट्रीय सचिव एवं वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ प्रो. डॉ. स्वपन सामंता के नेतृत्व में नेत्र स्वास्थ्य, दृष्टि सुरक्षा एवं अंधत्व निवारण विषय पर व्यापक स्वास्थ्य शिक्षा गतिविधियाँ आयोजित की गईं।
दृष्टि रथ यात्रा को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छुईखदान से केसीजी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष शर्मा एवं छुईखदान खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनीष बघेल द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस अवसर पर बीपीएम केसीजी बृजेश ताम्रकार, नेत्र सहायक अधिकारी विनय कुमार रामटेके एवं अन्य स्वास्थ्य स्टाफ उपस्थित रहे।
यात्रा के दौरान स्वामी आत्मानंद विद्यालय में विद्यार्थियों को नेत्र परीक्षण, स्क्रीन टाइम के दुष्प्रभाव एवं आँखों की देखभाल संबंधी जानकारी दी गई। विद्यालय प्राचार्य एवं शिक्षकों ने कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता निभाई।
दृष्टि रथ यात्रा का समापन राज्यपाल के गोद ग्राम सोनपुरी में किया गया। कार्यक्रम में नेत्र सहायक अधिकारी विनय कुमार रामटेके, गेमन देवांगन, ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक सनत कुमार, ग्राम पंचायत सरपंच, पंचगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे नेत्र स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की अपेक्षा व्यक्त की।
दृष्टि रथ यात्रा के दौरान ग्रामीणों को दिए गए प्रमुख नेत्र स्वास्थ्य सन्देश के अनुसार आँखों को प्रतिदिन साफ सादे पानी से धोने की आदत डालें।हरी पत्तेदार सब्जियाँ, पीले-लाल फल, सब्जियाँ एवं दूध का सेवन करें।मधुमेह रोगी प्रत्येक 6 माह में नेत्र परीक्षण कराएँ।40 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति वर्ष में एक बार आँखों की जाँच अवश्य कराएँ।प्री-मैच्योर शिशुओं की 15 दिनों के भीतर रेटिना जाँच अनिवार्य करना चाहिए ।
मोतियाबिंद का समय पर शल्य उपचार कराएँ।मृत्यु उपरांत कॉर्निया दान करें।नेत्र चोट की स्थिति में तुरंत विशेषज्ञ से संपर्क करें।असाध्य दृष्टिहीन व्यक्तियों को ब्रेल शिक्षा व पुनर्वास से जोड़ें।निःशुल्क नेत्र सेवाओं हेतु नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।स्क्रीन टाइम यथासंभव कम रखें।
