
राजनांदगांव। डोंगरगढ़ के बोरतलाव के समीप कनघुर्रा के जंगल में बुधवार को हुई पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में बालाघाट जिले में पदस्थ टीआई आशीष शर्मा शहीद हो गए। नक्सलियों के दरेंकसा दलम को घेरने निकली मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ पुलिस के साथ-साथ अद्धसैनिक बलों ने देर रात तक जंगल को घेरे रखा है। पुलिस के अधिकारियों की माने तो मुठभेड़ में नक्सलियों के भी मारे जाने की संभावना है। पुलिस द्वारा व्यापक पैमाने पर सर्चिग आपरेशन लांच किया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार पिछले दो-तीन दिनों से दर्रेकसा नक्सल दलम के करीब दर्जनभर से ज्यादा नक्सलियों के बार्डर इलाके में स्थित कनघुर्रा के जंगल में सक्रिय होने की सूचनाएं सामने आने के बाद तीन राज्यों की फोर्स ने संयुक्त आपरेशन लांच किया था। आज सुबह सर्चिग के दौरान नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जिसके बाद फोर्स ने भी मोर्चा संभालते हुए कई राउंड फायरिंग की। मुठभेड़ में बालाघाट के निरीक्षक आशीष शर्मा को कंधे और जांघ में गोली लगी। डोंगरगढ़ अस्पताल लाने के दौरान वे शहीद हो गए। इधर तीन राज्यों की फोर्स ने बोरतलाव से लगे कनघुरा के जंगल को घेर लिया है। बताया जाता है कि तीनों राज्यों से अतिरिक्त फोर्स भी मौके पर पहुंच गई है। इसके साथ ही आईटीबीपी और सीआरपीएफ के जवानों ने भी मोर्चा संभाला है। अधिकारिक सूत्रों की माने तो फायरिंग में नक्सलियों के भी मारे जाने की संभावना है। यही कारण है कि फोर्स ने व्यापक पैमाने पर सर्चिग शुरू की है। आपरेशन के रातभर चलने के संकेत मिल रहे हैं।
आशीष शर्मा मूल रूप से नरसिंहपुर जिले के माडरवारा में बोहानी गांव के रहने वाले थे। उनका चयन 2016 में सब इंस्पेक्टर के पद पर हुआ था। इससे पहले वे इंटेलिजेंस में आरक्षक के पद पर सेवाएं दे रहे थे। नक्सलियों का एनकाउंटर करने पर पुरस्कार स्वरूप मध्यप्रदेश सरकार ने आउट ऑफ टर्न प्रमोशन दिया था। पिछले दो साल में भारत सरकार से उन्हें दो वीरता पदक मिला। सूत्रों ने बताया कि आशीष की जनवरी माह में शादी भी होने वाली थी।
