72वें अखिल भारतीय सहकारी सप्ताह का शुभारंभ…


सहकारिता आत्मनिर्भर भारत के लिए सशक्त साधन हैं
राजनांदगांव| जिला सहकारी संघ राजनांदगांव में 72वें अखिल भारतीय सहकारी सप्ताह का शुभारंभ मां भारती के पूजा-अर्चना के साथ सहकारिता ध्वज फहराते हुए अतिथियों की उपस्थिति मे प्रारंभ हुआ| कार्यक्रम का संचालन करते हुए प्रभारी प्रबंधक एन कुमार साहू ने सहकारी सप्ताह के उद्देश्य और आंदोलन एवं उपलब्धियों के संबंध में जागरूकता लाने की अपील की| कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व लोकपाल अमलेदू हाजरा ने सहकारी सप्ताह की शुभकामनाएं देते हुए प्रथम दिवस के विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान वैश्विक व्यापार के प्रतिस्पर्धा के कारण पूंजीवाद सामाजिक परिवेश को प्रभावित कर रहा हैं| जिसे सहकारी समितियां ही अपने आत्मनिर्भरता के साथ दूर कर सकती है, तथा देश की आत्मनिर्भरता के लिए सशक्त माध्यम हो सकता है|

इस अवसर पर विशेष अतिथि पूर्व अधिकारी राजेश साहू ने कहा कि सहकारिता का आंदोलन हमारे जीवन में रचा-बसा है और सहकारिता के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में कुशल-अकुशल लोग रोजी-रोजगार प्राप्त कर परिवार का संचालन कर रहे है यूवाओं एवं महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए सहकारिता क्षेत्र में अनेकों अवसर उपलब्ध हैं| सहकारिता से जुडे सूरज भान देवांगन ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि सहकारिता ही एक सशक्त माध्यम है जिसके द्वारा हम समाज में सम्मानजनक रूप से अपना जीवन-यापन कर सकते है|

इस अवसर पर रफ़ीक खान के द्वारा साख सहकारी समितियों के माध्यम से व्यापार क्षेत्र में प्राप्त किये गए उपलब्धियों का प्रचार-प्रसार के महत्व को बताया गया| सहकारी बैंक के पूर्व अधिकारी जमुना कोचरे ने कहा कि बैंकों में डिजिटलकरण से जिस तरह अपना विश्वास व कार्य की पारदर्शिता लाने में सफल रहा है उसी प्रकार सहकारी समितियों में भी डिजिटलीकरण से लक्ष्य की प्राप्ति की जा सकती है| इस अवसर पर श्रीमती अनीता टेभुकर, श्रीमती विठा चौहान, निखिल मंगवानी, कु. दिव्या टेभुकर आदि विशेष रूप से उपस्थित रहे|