
आत्मनिर्भरता की दिशा में सरकार द्वारा चलाई जा रही ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना’ अब ग्रामीण क्षेत्रों के लिए वरदान साबित हो रही
केसीजीl ज़िला केसीजी के ग्राम पिपलाकछार निवासी ढेलू दास ने अपने घर की छत पर 3 किलोवाट का सोलर रूफटॉप प्लांट स्थापित कर एक नई मिसाल पेश की है। स्थापना के मात्र एक माह के भीतर ही उनके सोलर प्लांट ने 298 यूनिट बिजली का शानदार उत्पादन किया है। इस पहल से न केवल उनके घर का बिजली बिल नाममात्र का रह गया है, बल्कि अतिरिक्त बिजली बेचकर उन्हें आय भी होने लगी है।
आंकड़ों की बात करें तो नवंबर माह में हुए कुल 298 यूनिट उत्पादन में से ढेलू दास ने 255 यूनिट बिजली ग्रिड को एक्सपोर्ट की। इसके बदले उन्हें 517 रुपये का सोलर रिबेट प्राप्त हुआ, जिसके चलते उनका मासिक बिजली बिल, जो औसतन 800 रुपये रहता था, घटकर अब मात्र 160 रुपये पर आ गया है। ढेलू दास बताते हैं कि इस योजना से उन्हें दोहरा लाभ मिल रहा है—पहला बिजली बिल से स्थाई राहत और दूसरा अतिरिक्त बिजली से आमदनी है l
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत सोलर प्लांट लगवाने पर सरकार भारी सब्सिडी प्रदान कर रही है। 3 किलोवाट या उससे अधिक के प्लांट पर केंद्र सरकार से 78 हजार और राज्य सरकार से 30 हजार रुपये, यानी कुल 1 लाख 8 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है।
ढेलू दास ने अन्य नागरिकों से भी इस योजना को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि यदि हर घर सौर ऊर्जा को अपना ले, तो पूरा प्रदेश ऊर्जा आपूर्ति में आत्मनिर्भर बन जाएगा। यह योजना सही मायनों में आम आदमी को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है।
