
छत्तीसगढ़ सहकारी विकास निगम क्षेत्रीय निदेशालय रायपुर द्वारा संस्था प्रबंधक जितेंद्र चंद्राकर को 25,000 रुपये का चेक व प्रतीक चिन्ह से किया सम्मानित
राजनांदगांव ।
जिले के लिए यह गर्व का क्षण हैl जब जिले की सहकारी समिति सुरगी ने क्षेत्रीय स्तर पर अपनी उत्कृष्ट कार्यप्रणाली और सहकारी मूल्यों के सफल क्रियान्वयन से पहचान बनाई है। छत्तीसगढ़ सहकारी विकास निगम क्षेत्रीय निदेशालय रायपुर द्वारा आयोजित क्षेत्रीय सहकारी उत्कृष्ट एवं मेरिट पुरस्कार 2025 में समिति ने द्वितीय स्थान प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया।
छत्तीसगढ़ सहकारी विकास निगम, क्षेत्रीय निदेशालय रायपुर द्वारा आयोजित क्षेत्रीय सहकारी उत्कृष्ट एवं मेरिट पुरस्कार 2025 समारोह में राजनांदगांव जिले की सहकारी समिति सुरगी को द्वितीय स्थान से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार समिति के उत्कृष्ट प्रबंधन, पारदर्शी कार्यशैली, कृषक हितैषी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं सहकारी गतिविधियों में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सहकारिता सचिव आर प्रसन्ना एवं कुलदीप शर्मा पंजीयक सहकारी संस्थाएं, रायपुर की गरिमामयी उपस्थिति में संस्था प्रबंधक जितेंद्र चंद्राकर को 25,000 का चेक एवं प्रतीक चिन्ह पुरस्कार स्वरूप प्रदान किया गया। कार्यक्रम में एम.डी. अपेक्स बैंक के एन कांडे एवं क्षेत्रीय निदेशक एनसीडीसी किंचित जोशी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। पुरस्कार प्राप्त होने पर सहकारी समिति सुरगी से जुड़े कृषकों एवं सदस्यों में हर्ष और उत्साह का माहौल देखने को मिला।
समिति के कृषकों ने इस उपलब्धि के लिए प्राधिकृत अधिकारी लीलाधर साहू, संस्था प्रबंधक जितेंद्र चंद्राकर, दुष्यंत पटेल, प्रेम पटेल, नीरज साहू सहित समिति से जुड़े सभी कर्मचारियों एवं सदस्यों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। कृषकों ने कहा कि यह सम्मान समिति की टीम भावना, समर्पण और ईमानदार प्रयासों का परिणाम है। यह उपलब्धि न केवल समिति सुरगी के लिए बल्कि पूरे राजनांदगांव जिले के सहकारी क्षेत्र के लिए प्रेरणास्रोत है। समिति द्वारा भविष्य में भी इसी तरह कृषकों के हित में कार्य करते हुए सहकारी आंदोलन को और सशक्त बनाने का संकल्प व्यक्त किया गया। सहकारी समिति सुरगी की यह सफलता दर्शाती है कि संगठित प्रयास, पारदर्शी प्रबंधन और कृषक-केंद्रित सोच से सहकारी संस्थाएं क्षेत्रीय एवं राज्य स्तर पर नई पहचान बना सकती हैं।
