
महेन्द्र यदु के नगर आगमन पर खेल संघ, जनप्रतिनिधि और खिलाड़ी ने किया स्वागत
राजनांदगांवl‘‘कौन कहता है, आसमान में सुराग नहीं हो सकता। अरे यारों एक पत्थर तो, तबीयत तो उछालों तो सहीं।।’’ इस कथन को चरितार्थ करने का काम नगर के युवा (विकलांग) बॉडी बिल्डर खिलाड़ी चौखडिय़ा पारा वार्ड नं.40 के निवासी महेन्द्र यदु (लल्ला) ने अपनी कड़ी मेहनत, एकाग्रता, दम के बलबूते पर आने वाले वर्ष में वल्र्ड बॉडी बिल्डिंग चैम्पियनशीप में अपने समूह वर्ग से भारत का प्रतिनिधित्व करने का रास्ता साफ कर लिया है।
उक्त स्पर्धा के संबंध में राजनांदगांव जिला बॉडी बिल्डिंग संघ के अध्यक्ष अमित आजमानी ने बताया कि मुम्बई में 21, 22 एवं 23 नवंबर 2025 को इंटरनेशनल शेरू क्लासिक बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता आईएचएफएफ (इंटरनेशनल हेल्थ स्पोट्र्स फिटनेश) के द्वारा आयोजित की गई इस स्पर्धा में भारत के चुने हुए बॉडी बिल्डरों को आमंत्रित कर मि. वल्र्ड स्तर के बॉडी बिल्डिंग स्पर्धा हेतु स्टेज प्रदान किया जाता है। पदक विजेता बॉडी बिल्डरों का चयन मि. वल्र्ड काम्प्टीशन हेतु किया जाता है। छत्तीसगढ प्रदेश व राजनांदगांव संस्कारधानी से ऐसे चुने हुए खिलाड़ी महेन्द्र यदु (विकलांग वर्ग) में भाग लेकर अपनी सुगठित मांसपेशियों का प्रदर्शन कर अपने समूह में प्रथम स्थान पर रहे। और अपने ओवरऑल (विकलांग वर्ग) में रनरअप रहे। जिसमें उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
राजनांदगांव के लिए यह बड़ी गौरव की बात है। साथ ही बॉडी बिल्डिंग के खेल के क्षेत्र के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि रही। महेन्द्र यदु के राजनांदगाव आगमन 25 नवंबर को हुआ। इस अवसर पर राजनांदगांव जिला बॉडी बिल्डिंग संघ के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधियों, खिलाडिय़ों ने फूलमाला, पुष्पगुच्छ भेंटकर मिठाई खिलाकर बाजे-गाजे के साथ महेन्द्र यदु का स्वागत किया। इस स्पर्धा में टीम कोच के रूप में शुभम सोनीg डायरेक्टर हार्डकोर जीम, मैनेजर के रूप में सुजल यादव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
स्वागत के इस अवसर पर राजनांदगांव बॉडी बिल्डिंग संघ के अमित आजमानी, अजय लोहार, शेख वसीम, बसंत मैगी, विवेज रंजन सोनी, नीरज शुक्ला, मनीष सिंह गौतम (संरक्षक एक्सपर्ट जिम),तामेश्वर बंजारे, मजहर खान, गोपेन्द्र बंजारे, भूमिश्री, तानिया बंजारे, निकिता बंजारे, लक्ष्य कुमार, राजेन्द्र यदु, वीरेन्द्र पांडे, संध्या बंजारे सहित जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे। उक्त जानकारी एक्सपर्ट जीम के अध्यक्ष तामेश्वर बंजारे ने दी।
