नकली शराब नेटवर्क के दो अंतर्राज्यीय आरोपियों तक पहुँची पुलिस…

झारखंड के जमशेदपुर से 2 और आरोपी गिरफतार

कबीरधामl

पुलिस द्वारा हाल ही में खुलासा किए गए नकली देशी प्लेन शराब निर्माण गिरोह प्रकरण में नेटवर्क के अगली कड़ी तक पहुँचते हुए अंतरराज्यीय स्तर पर एक और महत्वपूर्ण कार्रवाई की है।
लगातार निगरानी, तकनीकी विश्लेषण और नेटवर्क मैपिंग के आधार पर कबीरधाम पुलिस की विशेष टीम झारखंड के जमशेदपुर पहुँची, जहां दबिश देकर इस गिरोह से जुड़े दो बड़े सप्लायरों को गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई पुलिस की प्रोफेशनल क्षमता, टीमवर्क और दूसरे राज्यों में भी प्रभावी संचालन करने की क्षमता को दर्शाती है।
यह संपूर्ण कार्रवाई पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह (IPS) के नेतृत्व में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र बघेल एवं पंकज पटेल के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी बोड़ला अखिलेश कौशिक के पर्यवेक्षण में की गई।
गिरफ्तार दोनों आरोपी राकेश कोहली पिता स्व. नविन्दर कोहली, उम्र 39 वर्ष, निवासी न्यू सीताराम डेरा 67/ए थाना सीताराम डेरा, जमशेदपुर जिला पूर्वी सिंहभूम (झारखंड), मोहन प्रसाद गुप्ता पिता स्व. बैजनाध साव, उम्र 67 वर्ष, निवासी हरहरगुटटू जगदीषपुर रोड, जमशेदपुर थाना बागबेडा, जिला पूर्वी सिंहभूम (झारखंड) है l


पूछताछ में आरोपी मोहन गुप्ता ने खुलासा किया कि वह फर्नीचर पॉलिश का व्यवसाय करता था और इसी बहाने वह कोलकाता के होलसेल केमिकल डीलरों से बड़ी मात्रा में स्पिरिट (केमिकल) मंगवाता था। इस स्पिरिट को वह झारखंड में चल रहे अवैध शराब नेटवर्कों को सप्लाई करता था। इसी दौरान वह दूसरे आरोपी राकेश कोहली के माध्यम से कबीरधाम जिले के पोड़ी क्षेत्र में पकड़े गए आरोपियों नंद कुमार और साजिद के गिरोह को भी लंबे समय से नकली शराब बनाने के लिए स्पिरिट(केमिकल) भेज रहा था।


वहीं आरोपी राकेश कोहली ने बताया कि वह झारखंड में काफी समय से विभिन्न ब्रांड की नकली इंग्लिश शराब तैयार कर अपने नेटवर्क को संचालित कर रहा था।
पूर्व में गिरफ्तार आरोपी साजिद के जमशेदपुर निवासी होने के कारण दोनों का संपर्क पहले से था, और इसी पहचान के आधार पर राकेश कोहली पोड़ी में सक्रिय गिरोह से जुड़ गया।


महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि राकेश कोहली नकली शराब निर्माण की सामग्री मोहन गुप्ता के माध्यम से बस के द्वारा भिजवाकर पोड़ी आया और यहाँ के गिरोह को नकली शराब बनाने की ट्रेनिंग भी देकर गया था। इसके अलावा वह झारखंड में नकली ढक्कन, स्टिकर और पैकिंग सामग्री तैयार करवा कर इस गिरोह को नियमित रूप से भेजता था।
इस कार्रवाई में पुलिस ने उन्नत तकनीकी साधनों का उपयोग करते हुए कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन, वित्तीय गतिविधियों, ट्रांजैक्शन पैटर्न, रूट ट्रेसिंग और डिजिटल नेटवर्क का गहन विश्लेषण किया। टीम ने लगातार दोनों आरोपियों पर नजर बनाए रखी और उचित समय पर झारखंड में दबिश देकर उन्हें गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई पुलिस की सटीक योजना, पेशेवर समझ, जोखिम प्रबंधन और अनुशासित फील्ड एक्शन का उत्कृष्ट उदाहरण है।


इस गिरफ्तारी में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स कबीरधाम के निरीक्षक उमाशंकर राठौर, साइबर सेल के प्रधान आरक्षक वैभव सिंह कलचुरी, आरक्षक रोशन विश्वकर्मा तथा आरक्षक नारायण पटेल की महत्वपूर्ण और सराहनीय भूमिका रही।