खुशहाल किसान–समृद्ध छत्तीसगढ़ : धान खरीदी ने बदली किसानों की तकदीर…

बेमेतरा l छत्तीसगढ़ में इस वर्ष धान खरीदी व्यवस्था किसानों के लिए खुशियों की नई सौगात लेकर आई है। 15 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू होने के साथ ही शासन द्वारा बनाई गई ठोस नीति, दूरदर्शी निर्णय और व्यापक व्यवस्थाओं ने राज्य के किसानों के लिए समृद्धि का नया मार्ग प्रशस्त किया है। सुखमय और खुशहाल छत्तीसगढ़ का जो सपना राज्य सरकार ने देखा है, वह अब किसानों के घर-आंगन में फलीभूत होने लगा है।

जिला बेमेतरा में धान खरीदी को लेकर जिला प्रशासन ने कलेक्टर श्री रणवीर शर्मा के नेतृत्व में विशेष जिला स्तरीय निगरानी टीम गठित की है, जो जिले के सभी 129 धान उपार्जन केंद्रों पर की जा रही गतिविधियों पर लगातार कड़ी नजर रख रही है। किसी भी केंद्र में अव्यवस्था, देरी, भीड़ या गड़बड़ी न हो, इसके लिए अधिकारी प्रतिदिन मॉनिटरिंग कर रहे हैं। परिणामस्वरूप, जिले भर के सभी केंद्रों में तेज, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से धान खरीदी सुचारू रूप से संचालित हो रही है।


किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उपार्जन केंद्रों में पर्याप्त बारदाना, पानी, बैठने की जगह, सुरक्षा, तौल व्यवस्था और सुगम टोकन प्रणाली जैसी सभी जरूरी व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की गई हैं। हर केंद्र पर किसानों का स्वागत गर्मजोशी भरे माहौल में किया जा रहा है, जिससे किसान बिना तनाव और चिंता के अपनी मेहनत का मूल्य प्राप्त कर रहे हैं।इसी सकारात्मक वातावरण का परिणाम है कि किसान इस वर्ष धान विक्रय को लेकर अत्यंत उत्साहित हैं।

धान उपार्जन केंद्र पदमी में धान बेचने आए किसान कमलेश लोधी ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बनाई गई नई धान खरीदी व्यवस्था ने किसानों के जीवन में असली खुशियों का द्वार खोल दिया है। उन्होंने बताया कि 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी ने उनके जैसे हजारों किसानों के लिए आर्थिक मजबूती का आधार तैयार किया है।


उन्होंने कहा कि यह पहला वर्ष है जब किसानों को महसूस हो रहा है कि शासन की नीतियाँ सीधे उनकी आर्थिक स्थिति सुधार रही हैं। पारदर्शी प्रणाली, त्वरित भुगतान और सहज खरीदी प्रक्रिया ने किसान समुदाय में नया विश्वास जगाया है। कमलेश लोधी सहित जिले के अनेक किसान प्रदेश सरकार के इस निर्णय को एक ऐतिहासिक कदम मान रहे हैं, जो वास्तव में आत्मनिर्भर और समृद्ध छत्तीसगढ़ की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगा। सभी किसानों के चेहरों पर मुस्कान और खेतों में गूंजती खुशहाली की यह कहानी बताती है कि जब नीतियाँ जमीन से जुड़कर लागू होती हैं, तब उसके परिणाम भी उतने ही सशक्त और प्रेरक होते हैं।