
राजनांदगांवl
रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय चिकित्सा सम्मेलन छत्तीसगढ़ एपीकॉन के 18वें संस्करण में राजनांदगांव के स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के मेडिसिन आंतरिक चिकित्सा विभाग के सह-प्राध्यापक एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रकाश खुंटे ने अपनी चिकित्सकीय विशेषज्ञता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर उन्होंने चक्कर आने की बीमारी (वर्टिगो/डिज़ीनेस) और उसके आधुनिक इलाज पर एक महत्वपूर्ण सत्र प्रस्तुत किया जिसे छत्तीसगढ़ भर से आए वरिष्ठ चिकित्सकों ने अत्यंत उपयोगी और ज्ञानवर्धक बताया। डॉ. प्रकाश खुंटे ने अपने संबोधन में बताया कि चक्कर की बीमारी एक सामान्य दिखने वाली लेकिन गंभीर रूप से व्यक्ति के दैनिक जीवन को प्रभावित करने वाली समस्या है। उन्होंने इसके सही कारणों की पहचान, आधुनिक जांच तकनीकों और नई उपचार विधियों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कई बार लोग इसे सामान्य कमजोरी या थकान समझकर अनदेखा कर देते हैं जबकि समय पर इलाज न मिलने पर यह समस्या गंभीर रूप ले सकती है।
वर्टिगो एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति को यह अनुभव होता है कि उसके चारों ओर की चीजें घूम रही हैं या वह स्वयं घूम रहा है जबकि वह स्थिर अवस्था में होता है। यह समस्या प्रायः आंतरिक कान या तंत्रिका तंत्र में गड़बड़ी के कारण उत्पन्न होती है। डॉ. खुंटे के अनुसार वर्टिगो के सामान्य लक्षण इस प्रकार हैं अचानक चक्कर आना, संतुलन बिगड़ जाना और चलने या खड़े होने में कठिनाई मतली या उल्टी कानों में आवाज आना या घंटी बजने जैसा अनुभव सुनने की क्षमता में कमी अत्यधिक पसीना आना आंखों का अनियंत्रित रूप से हिलना सिरदर्द, विशेषकर माइग्रेन से जुड़े मामलों में उन्होंने सलाह दी कि यदि कोई व्यक्ति बार-बार इन लक्षणों का अनुभव कर रहा है तो उसे तुरंत नजदीकी चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।
डॉ. प्रकाश खुंटे ने बताया कि वर्टिगो का इलाज उसकी मूल वजह पर निर्भर करता है। इसके उपचार में सामान्यतः निम्न उपाय कारगर होते हैं संतुलित आहार: नमक (सोडियम) और कैफीन का सीमित सेवन नियमित व्यायाम: संतुलन सुधारने वाले व्यायाम सिर की स्थिति में बदलाव: विशेष रूप से स्थिति जन्य चक्कर (बीपीपीवी) के मामलों में माइग्रेन का नियंत्रण: उचित दवाइयों और जीवनशैली में बदलाव। राजनांदगांव के एकमात्र विशेषज्ञ फिजिशियन के रूप में डॉ. प्रकाश खुंटे की इस प्रस्तुति को विशेष सराहना मिली। इस राज्य स्तरीय सम्मेलन में छत्तीसगढ़ के प्रमुख चिकित्सा विशेषज्ञों ने भाग लिया और डॉ. खुंटे के सत्र को चिकित्सा क्षेत्र के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। छत्तीसगढ़ एपीकॉन जैसे प्रतिष्ठित चिकित्सा मंच पर डॉ. प्रकाश खुंटे की प्रस्तुति न केवल राजनांदगांव बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय रही।
